by Vinay K. Gogne (Author), Anupriya (Author)
""यह किताब मेरे पिता की कविताओं का संग्रह है, जो शायद प्रकाशन के लिए लिखी गईं थी। परन्तु उन्की यह इच्छा अधूरी रह गई। यह कविताएँ उनकी सोच और समझ दिखलाती हैं। कुछ केवल मनोरंजन के लिए लिखी गईं हैं, और कुछ मानव स्तिथी पर विचार करने के लिए। कुछ लफ्ज़ उनकी जवानी के किस्से बयाँ करते हैं, और कुछ आने वाले कल का वर्णन करते हैं। आख़िरकार उनके सभी किस्से उनकी सादगी और जिज्ञासा को सामने लाते हैं। मुझे यह कविताएँ पढ़कर बहुत मज़ा भी आया, और गर्व भी हुआ। मैं आशा करती हूँ कि हमारे परिवार के सदस्यों और उनके करीबी मित्रों को भी इन कविताओं को पढ़ने का मौका मिले और वह सब """"डॉक्टर साहिब"""" को ख़ुशी से याद करें।""
Number of Pages: 48
Dimensions: 0.1 x 8 x 5 IN
Publication Date: December 23, 2024